Pyaj ki kheti - प्याज की खेती पूरी जानकारी

 Pyaj ki kheti - प्याज की खेती पूरी जानकारी

प्याज भारत में उगाई जाने वाली प्रमुख सब्जी है , भारत का शायद कोई घर होगा प्याज के बिना सब्जी बनती होगी। 
प्याज की खेती में महाराष्ट्र भारत का नंबर वन राज्य है। कहा भारत का लगभग 60% से ज्यादा प्याज का उत्पादन होता है। इसका बाद अन्य राज्यों जैसे , मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश , राजस्थान, बिहार के कुछ जगह पर की जाती है। तो आइए जानते है प्याज की खेती के बारे में 
इस आर्टिकल में आपको प्याज की खेती पूरी जानकारी देने की कोशिश करेगे। 

प्याज की खेती आमतौर पर दो सीजन में की जाती है , पहला रबी दूसरा खरीफ लेकिन महाराष्ट्र में प्याज की खेती 3 से 4 बार की जाती है। इसलिए महाराष्ट्र भारत का नंबर वन प्याज उत्पादक राज्य है। 
तो आइए जानते है प्याज की खेती कुछ इन प्वाइंट में जो की निम्न है। 


  1. सही बीज का चुनाव
  2. नर्सरी कैसे तैयार करे
  3. खेत की तैयारी
  4. रोपाई का सही तरीका
  5. उर्वरक का सही इस्तेमाल
  6. पानी का प्रबंधन
  7. रोगों वा कीटो का प्रबंधन
  8. प्याज की हार्वेस्टिंग


1. सही बीज का चुनाव


दोस्त यदि आप प्याज की खेती करते है तो सबसे पहले आपको सही बीज का चुनाव कर लेना चाहिए। मैं आपको कुछ प्याज की वैरायटी के बारे में बताता हूं , जैसे  Semines gulmohar , nasik m 53 , mahalaxmi, sagaar आदि कुछ वैरायटी है। 

2. नर्सरी कैसे तैयार करे

बीज का चुनाव करने का बाद आपको नर्सरी तैयार करनी होती है। यदि आप रबी में प्याज को खेती करता है तो आपको अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से ले कर आप नवंबर माह तक डाल सकते है।  नर्सरी डालने से पहले खेत की गहरी जुताई करे वा मिट्टी को भुर भुर कर ले , इसके बाद उसमे बीज की भाई करे। और अपने हाथो से थोड़ा सहला दे ताकि हमारा बीज जमीन में मिल जाए। 
इसका बाद आप उसमे पानी लगा दे लकी पानी धीरे धीरे लगाए जिससे हमारा बीज एक जगह कम जाए। उसके बाद हमारी नर्सरी 46 से 60 दी के अंदर तैयार हो जायेगी। 


3. खेत की तैयारी


प्याज की खेती में खेत को बहुत अच्छी तरह तैयाए करना पड़ता है। सबसे पहले आप खेती की गहरी जुताई करे, इसके बाद रोटावेटर करके खेत की मिट्टी को भुर भुर बना ले। इसके बाद क्यारी निकाल ले। 

4. उर्वरक का प्रयोग


प्याज की खेती में जब हम प्याज को रोपाई करते है उसके पहले खेत में उर्वरक का सही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए आपको प्रति एकड़ के हिसाब से 50 kg dap, 40kg यूरिया , 25 से 30 kg पोटाश , 10kg maicronutriyant, 10kg जिंक खेत की तैयारी करते समय भी आप दे सकते है। 

5. रोपाई का सही तरीका

प्याज की रोपाई करते समय कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए। जैसे प्याज की रोपाई एक निश्चित दूरी पर करना चाहिए , जैसे आप 5 इच से 7 इच पर कर सकते हैं। 

6. पानी का सही प्रबंधन

प्याज की खेती में पानी को ज्यादा आवश्यकता नही पड़ती इसमें आप सात से आठ पानी में आपकी प्याज पककर तैयार हो जाती हैं। प्याज में पहले पानी आपको रोपाई के बाद 5 दिन का अंदर दे देना चाहिए।
इसके बाद आपको अपने यह के मौसम के हिसाब से हर सात से आठ दिन का अंतराल में पानी देते रहना है। 

7. रोग वा कीटो का प्रबंधन


प्याज की खेती प्रमुख रूप से 3 प्रकार के रोग लगते है। जिनकी वजह से हमारी प्याज का उत्पादन कम हो जाता है। ये रोग कुछ इस प्रकार हैं
पहला रोग जलेबी , दूसरा रोग जड़ सड़न , तीसरा प्याज का पीला पड़ना। 
ठीक इसी प्रकार प्याज की खेती में कुछ कीटो का अटैक भी होता है जैसे , सफ़ेद मक्की , माहू, इल्ली , जड़ माहू आदि। 
इनके लिए आप समय समय पर कीटनाशक वा फंगीसाइड का प्रयोग करतें रहे। 

8. प्याज की हार्वेस्टिंग 

जब हमारा पाया 110 से 120 दिन का हो जाता है तो आप इसकी हार्वेस्टिंग कर सकते है और आप किसको कच्चा बेच सकते है। 

उपरोक्त जो जानकारी दी गई हैं , यह हमारे अनुभव का हिसाब से दी गई है। यह जानकारी साल वा सटीक रूप से दी गई है। इस प्रकार आप प्याज की खेती पर सकते है। 

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