बरसात में करेले की खेती- barsat me karela ki kheti

 बरसात में करेले की खेती- barsat me karela ki kheti

करेले की खेती भारत में प्रमुख रूप से सब्जी के लिए किया जाता है। करेले का प्रयोग कई प्रकार की प्राकृतिक चिकित्सा के लिए भी प्रयोग किया जाता है। करेले की सब्जी बहुत ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है। करेले का जूस वा आचार बनाकर भी प्रयोग किया जाता है। करेले का प्रयोग कई प्रकार की बीमारियों में भी किया जाता है। 
करेले के पौधे में का औषधीय गुड़ भी पाए जाते है। करेले की खेती नाम वा गर्म दोनो प्रकार की जलवायु में की जा सकती है। तो आइए जानते की बरसात में करेले की खेती कैसे वा कब करे , आपको हम कुछ निम्न बिंदुओं में समझने की कोशिश करेगी। 

तो आइए जानते है बरसात में करेले की खेती कैसे करे


  1. करेले की खेती के लिए जलवायु
  2. प्रति एकड़ के लिए बीज दर
  3. करेले की उन्नत किस्से 
  4. करेले की बिजाई कब करे
  5. खेत की तैयारी कैसे करें
  6. करेले में उर्वरक का सही इस्तेमाल
  7. खेत की निदई वा गोदाई
  8. रोगों वा कीटो का अटैक
  9. अधिक उत्पादन के लिए सही दावा का इस्तमाल
  10. करेले की को तुड़ाई का सही समय

तो आइए दोस्तो अब आपको हम निम्न बिंदुओ को विस्तार से जानकारी देने की कोशिश करते है : -


1. करेले की खेती के लिए जलवायु


अगर हम बात करे करेले की खेती के लिए जलवायु तो आप किसको किसी भी प्रकार की मिट्टी में उगा सकते है। पर इसके लिए बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। यदि बात करे इसके मिट्टी के ph मान की तो आप इसको 6 से 8 ph मान वाली मिट्टी में उगा सकते है। करेले की खेती आप जहा पर तापमान 25 से 40 डिग्री सेल्सियस तक रहता है वहा पर आप इसको आसानी से उगा सकते है। 


2. प्रति एकड़ के लिए बीज दर


दोस्तो अब बात  करते है की प्रति एकड़ के हिसाब से हमे बीज की कितनी आवश्यकता पड़ती है। यह  दोस्तो आपके ऊपर निर्भर करता है को आप कितनी दूरी पर वा किस प्रकार करेले की खेती करते है। पर प्रति एकड़ के हिसाब से आपको 1kg तक बीज लग सकता है। 


3. करेले की उन्नत किस्से
 


दोस्तो यदि आप बरसात में करेले की खेती करते है तो आपको वैरायटी का चुनाव सही तरीके से करना आवश्यक है। यदि आप गलत वैरायटी का चुनाव करते है तो आप आपका करेला ग्रोथ नही करेगा। तो आइए आपको हम कुछ किस्म बताते है 
अर्का हरित, पूसा हाइब्रिड-2, पूसा औषधि, पूसा दो मौसमी, पंजाब करेला-1, पंजाब-14, सोलन हरा और सोलन सफ़ेद ये कुछ किस्स है जिनको आप लगा सकते है। 

4. करेले की बिजाई कब करे


दोस्तो आप जब बरसात में करेले की खेती करने है तो आप पहले किसकी नर्सरी बना ले नर्सरी बनाने के लिए आप पॉलिथीन का सहारा ले सकते है। जब हमारा करेला 20 से 25दिन का  हो  जाता है तब आप किसको अपने खेत में ट्रांसप्लांट कर दे। 
या फिर आप खेत में बीज भी लगा सकते है। लेकिन आप नर्सरी बनाकर करते है तो आपको ज्यादा बेहतर रिजल्ट देखने को में सकता है ।


5. खेत की तैयारी कैसे करें


किसी भी फसल या सब्जी की खेती करने से पहले खेत की तैयारी में बहुत ध्यान सेना पड़ता है। क्योंकि यदि आप खेत की तैयारी अच्छी तरीके से माही करेगे तो आपको उत्पादन अच्छा नही मिल सकता। 
तो आइए जानते हैं को खेत की तैयारी कैसे करें सबसे पहले आप खेत की गहरी जुताई करे। इसके बाद रोटावेटर लगा कर खेत की मिट्टी को भुर भुर बना ले। इसके बाद आप मेडी निकल ले क्योंकि जब आप बरसात में खेती करते है तो आपको ज्यादा बारिश में आप जल भराव से परेशान नही होगे। और आप ऐसे खेत का चुनाव करे जहा पानी निकास की उचित व्यवस्था हो।


6. करेले में उर्वरक का सही इस्तेमाल


अब बात करते हैं को करेले की खेती  उर्वरक की कितनी आवश्यकता पड़ती है। तो जब आप खेत की तैयारी करते है तब आपको अपने खेत की मिट्टी की उर्वरक छमता के हिसाब से उर्वरक का प्रयोग करे। 
यदि बात करे की प्रति एकड़ में आपको कितना खाद का प्रयोग करना चाहिए तो आप खेत की तैयारी करते समय 50kg dap वा 30 kg यूरिया , 25 kg पोटाश , 10 kg जिंक आपको डाल कर खेत में मेडी निकल है। 

7. खेत की निदई वा गोदाई


जब हमारी करेला छोटा होता है तब हमे निदायी पर ध्यान देना चाहिए। उस समय खेत में खरपतवार नियंत्रण करना आवश्यक होता है। जिससे हमारी खेरे की खेती अच्छी ग्रोथ करे। बुबई करने से पहले आप पेंटामिथलीन का प्रयोग कर सकते है,यदि आप नर्सरी का पेंटीशन करते है तो। यदि आप बीज को लगाते गई तो आप इसका प्रयोग बाद में करे।


8. रोगों वा कीटो का अटैक

बरसती करेले में रोगों वा कीटो का अटैक काम होता है यदि आप मेडी विधि से करेले की खेती करते है। करेले में पर प्रमुख रूप से जड़ गलन, जड़ सड़न , blb, झुलसा , आदि रोगों का अटैक होता है। 
यदि कीटो की बात करे तो इसने आपको रस चूसक, तना छेदक, फल छेदक , सुंडी , आदि का अटैक हो सकता है। 

9. अधिक उत्पादन के लिए सही दावा का इस्तमाल


यदि आप करेले की खेती से अधिक उत्पादन लेना चाहते हैं तो आपको कुछ ज्यादा दवा का प्रयोग करना चाहिए। जैसे , हुमिक , माइक्रो न्यूट्रिएंट , टॉनिक , आदि का इस्पे करना चाहिए।


10. करेले की को तुड़ाई का सही समय


दोस्तो जब आपका करेला 30 से 80 ग्राम तक का हो क्या तो आपको उसकी तुड़ाई कर लीना चाहिए। जिससे आपको बाजार में ज्यादा भाव मिल सके। तभी आप  बरसती करेले से लाखो का उत्पादन कर सकते है। 

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उपरोक्त जो आपको जानकारी  हमारे अनुभव और किसानों को आधार पर दी गई है। यदि आपको जानकारी अच्छी लगी तो आप हमे बता सकते है। 

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