धान में लगाने वाले प्रमुख रोग

  धान में लगाने वाले प्रमुख रोग

धान भारत में उगाई जाने वाली प्रमुख फसल है, धान की खेती भारत के कई राज्यों में सफलता पूर्वक की जाती है, लेकिन धान की खेती में कई प्रकार के रोग का अटैक भी हो जाता है ,तो आइए जानते है धान में लगने वाले प्रमुख रोग , वा उनके उपचार के बारे में। 

धान लगाने वाले प्रमुख रोग कुछ इस प्रकार है


1.  धान का पौधा जब हमारा नर्सरी में होता है तो उसमे पीलापन आता है, जो जमीन में उर्वरक की कम से भी हो सकता है या फिर उसमे जड़ गलन रोग भी हो सकता है।


.दूसरा रोग हमारी धान की फसल में जब लगता है हम धान की रोपाई कर देते है तो हमारी धान जब 30 दिन को अवस्था में होती है , तो जड़ सड़न रोग लगता जा जड़ गलन की तरह ही होता है। यह रोग ज्यादा पानी की वजह से हो सकता है। 


3.  जब हमारी धान की फसल 70 से 80 दिन की अवस्था में होती है तो उसमे जल्दी लगने वाले झुलसा रोग लगता है 

जिससे हमारी 70% तक फसल खराब हो सकती है। इस रोग को रोकने के लिए आप किसे अच्छे fungeside का चुनाव कर सकते है।

4.  जब हमारी धान की फसल 90 दिन की अवस्था में होती हैं तो उसमे लेट झुलसा रोग या जिसे हम (अर्ली ब्लास्ट) भी कहते है। यह रोग जब हमारी धान की फसल में आता है जब दाना बनता है। 

इस रोग को रोकने के लिए आप बेस्ट fungiside का चुनाव कर सकते है। 


5.  जब हमारी धान की फसल में दानों का भराव होने लगता है तो उसमे हल्दी रोग किसे हम ( कांडो ) रोग भी कहते हैं। इस रोग में लगने के बाद हमारी धान की फसल लगभग 40 से 50% तक का नुकसान हो सकता है। 


इस रोग को आप जब रोक सकते है जब हमारी धान की फसल गभोट अवस्था में होती हैं तब आपको किसे अच्छे फंगसाइड का इस्प्रे कर दे। 


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हमारी धान की फसल में रोग लगने के प्रमुख बाते ये हो सकती है 

की आपने अपनी फसल में ज्यादा यूरिया का प्रयोग किया हो या फिर अवस्यकता से अधिक उर्वरक का प्रयोग किया हो। हो सकता  है की आपकी धान में पहले को रोग लगा है। और आपने मिट्टी को पलटा न हो 

खेत की गहरी जुताई न की हो कई कारण हो सकता है। 








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